हमने स्वीकार कर लिया, तुम्हें स्वीकार नही।
थक गई है वो मजबूत बनने का दिखावा करते-करते,
जो खुद से हार जाए, वो दुनिया से क्या जीत पाएगा?
शिकायत हमसे है, या किसी और से मुलाकात हो गई…!
खुदा ने जीना मुस्कील किया और लोगो ने मरना…!
ना मेरा यार अपना था, ना मेरा प्यार अपना था, काश ये दिल मान लेता ये सब सपना था…!!!
गैर तो दिल दुखाने की हिम्मत भी नहीं करते।
की कोई था जो बिना मतलब के चाहता था तुम्हे…!
कोई आया था… हमें समझने—but वो भी समझकर चला गया।
हमारी ज़िंदगी से किसी ने एक चीज़ चुपके से छीन ली…
जब पिंजरे से प्यार हुआ, तो रिहाई का वक्त आ पोहोंचा…!
मगर वो ख्वाबों में आने Sad Shayari in Hindi से भी बाज़ नहीं आते।
वरना “मेरी जान” लगाकर भूल जाने से तो पौधे भी मुर्झा जाते है…!
और कब आएगा वो दिन… बस उसी दिन को याद करते रहते हैं।